बरगी डैम क्रूज हादसा: मौत के आगोश में भी बेटे को सीने से लगाए रही मां, रेस्क्यू टीम की आंखें हुई नम

मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए भीषण क्रूज हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है, लेकिन इस त्रासदी के बीच सामने आया एक दृश्य ऐसा था जिसने पत्थर दिल लोगों की आंखें भी नम कर दीं। रेस्क्यू टीम जब डूबे हुए क्रूज के भीतर फंसे यात्रियों की तलाश कर रही थी, तभी मलबे में एक महिला का शव मिला। उसे बाहर निकालने में गोताखोरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि महिला अपने मासूम बेटे को सीने से इतनी मजबूती से लगाए हुए थी कि दोनों को अलग करना बेहद कठिन हो गया। बचाव दल ने बताया कि मां ने अंतिम सांस तक अपने करीब चार साल के बेटे को बाहों में समेटे रखा, मानो मौत से भी उसे बचा लेने की आखिरी कोशिश कर रही हो। इस हृदयविदारक दृश्य ने रेस्क्यू में लगे जवानों तक को अंदर तक झकझोर दिया। �

 

बताया जा रहा है कि बरगी डैम में मध्य प्रदेश टूरिज्म का क्रूज अचानक तेज आंधी और खराब मौसम की चपेट में आकर पलट गया। क्रूज में करीब 30 से अधिक लोग सवार थे। हादसे के बाद पानी में चीख-पुकार मच गई, लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर तैरने लगे, लेकिन कई यात्री क्रूज के अंदर ही फंस गए। इन्हीं में वह मां और उसका बेटा भी शामिल थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब नाव डूबने लगी तो मां ने अपने बेटे को सीने से कस लिया और शायद उसे पानी से बचाने के लिए अपने शरीर को ढाल बना लिया। गोताखोरों ने बताया कि जब वे क्रूज के भीतर पहुंचे तो बेहद कम जगह, लोहे की टूटी रॉड और गंदले पानी के बीच महिला और बच्चे के शव एक-दूसरे से चिपके मिले। यह दृश्य देखकर कुछ देर के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तक थम गया। �

 

मौके पर मौजूद अधिकारी, पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग यह दृश्य देखकर फफक पड़े। कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह भी जब इस घटना की जानकारी और रेस्क्यू टीम का बयान सुन रहे थे तो उनकी आंखें भर आईं। वहां मौजूद हर शख्स के मुंह से बस एक ही बात निकली—मां आखिर मां होती है। मौत सामने खड़ी हो, सांसें थम रही हों, फिर भी उसकी पहली और आखिरी चिंता अपने बच्चे की जान होती है। यही कारण है कि यह दृश्य पूरे हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर बन गया। हालांकि प्रशासन ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल कुछ तस्वीरें AI generated या असंबंधित हैं, लेकिन मां-बेटे के शव एक साथ मिलने की घटना आधिकारिक तौर पर रेस्क्यू टीम ने पुष्टि की है। �

 

इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि कई लोग घायल हुए हैं। बचकर निकले यात्रियों ने क्रूज प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। कई यात्रियों का कहना है कि समय रहते लाइफ जैकेट नहीं दी गई, मौसम खराब होने के बावजूद क्रूज को बीच पानी में ले जाया गया और जब नाव डूबने लगी तो स्टाफ घबरा गया। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर भी सुरक्षा इंतजामों को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोग इसे केवल प्राकृतिक हादसा नहीं बल्कि प्रबंधन की घोर लापरवाही बता रहे हैं।

 

बरगी डैम की यह घटना भले ही एक दुर्घटना हो, लेकिन मां और बेटे का यह अंतिम आलिंगन हमेशा याद दिलाता रहेगा कि दुनिया की सबसे बड़ी ताकत ममता होती है। एक मां ने डूबते क्रूज, गहराते पानी और मौत के साये के बीच भी अपने बच्चे का हाथ नहीं छोड़ा। उसने आखिरी सांस तक अपने लाल को सीने से लगाए रखा। यह दृश्य सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि ऐसा जख्म है जिसे सुनकर हर मां का दिल कांप उठेगा और हर इंसान की आंखें नम हो जाएंगी। मौत दोनों की सांसें छीन सकी, लेकिन मां की ममता को जुदा नहीं कर सकी

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