झालावाड़ में खुशियों की चौगुनी सौगात: एक साथ जन्मे 4 बच्चे, तीन बेटियां और एक बेटा; पूरे शहर में चर्चा का विषय बना मामला

  1. झालावाड़ में खुशियों की चौगुनी सौगात: एक साथ जन्मे 4 बच्चे, तीन बेटियां और एक बेटा; पूरे शहर में चर्चा का विषय बना मामला
  2. झालावाड़ में खुशियों की चौगुनी सौगात: एक साथ जन्मे 4 बच्चे, तीन बेटियां और एक बेटा; पूरे शहर में चर्चा का विषय बना मामला
  3. झालावाड़ के राजकीय जनाना अस्पताल में बुधवार को एक ऐसा दुर्लभ क्षण देखने को मिला, जिसने डॉक्टरों से लेकर परिजनों तक सभी को हैरान और खुश कर दिया। शहर निवासी 25 वर्षीय ज्योति कश्यप ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। इनमें तीन बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। यह दुर्लभ प्रसव दोपहर करीब 12 बजे सिजेरियन ऑपरेशन के माध्यम से कराया गया।
  4. प्रसव के बाद मां ज्योति कश्यप पूरी तरह स्वस्थ हैं। हालांकि चारों नवजातों का जन्म कम वजन के साथ होने के कारण उन्हें अस्पताल की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में भर्ती किया गया है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और आवश्यक उपचार जारी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार फिलहाल सभी बच्चों की स्थिति स्थिर है।

 

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  1. 7 साल बाद परिवार में आई चौगुनी खुशियां
  2. ज्योति कश्यप और उनके पति अरुण कश्यप की शादी वर्ष 2019 में हुई थी। परिवार में पहले से उनका पांच वर्षीय बेटा हर्ष है। यह ज्योति की दूसरी डिलीवरी है, लेकिन किसी ने भी नहीं सोचा था कि इस बार परिवार में एक साथ चार नए मेहमान आएंगे। जैसे ही यह खबर परिवार और मोहल्ले तक पहुंची, बधाई देने वालों का तांता लग गया। अस्पताल में भी लोगों की उत्सुकता देखने को मिली।

  1. “भगवान की मर्जी, जो दिया वही स्वीकार”
  2. नवजातों के पिता अरुण कश्यप, जो स्वयं राजकीय जनाना अस्पताल में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत हैं, अपनी खुशी छिपा नहीं सके। उन्होंने भावुक होकर कहा, “मैंने तो एक बेटी की ही उम्मीद की थी, लेकिन भगवान ने मुझे तीन बेटियां और एक बेटा दिया है। यह सब भगवान की मर्जी है। जो भी दिया है, उसकी खुशी है।” उनके इस सरल और सकारात्मक विचार की लोग भी सराहना कर रहे हैं।
  3. दुर्लभ मामलों में होती है ऐसी डिलीवरी
  4. शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि उनके कार्यकाल में जनाना अस्पताल में यह पहला मामला है, जब किसी महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया है। उन्होंने बताया कि ऐसे मामले बेहद दुर्लभ होते हैं और चिकित्सकीय आंकड़ों के अनुसार लगभग 24 हजार प्रसव में एक बार इस प्रकार का मामला सामने आता है। ऐसे प्रसव में मां और नवजातों की विशेष निगरानी की आवश्यकता होती है, क्योंकि समय से पहले जन्म और कम वजन जैसी चुनौतियां सामान्य होती हैं।
  5. डॉक्टरों की टीम कर रही लगातार निगरानी
  6. अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार चारों नवजातों को एनआईसीयू में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के बीच रखा गया है। उनके वजन, सांस लेने की क्षमता, शरीर के तापमान और अन्य जरूरी स्वास्थ्य मानकों पर लगातार नजर रखी जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है और सभी बच्चों को आवश्यक उपचार दिया जा रहा है।
  7. पूरे शहर में चर्चा का विषय बना मामला
  8. एक साथ चार बच्चों के जन्म की खबर पूरे झालावाड़ में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे ईश्वर का आशीर्वाद मानते हुए परिवार को शुभकामनाएं दे रहे हैं। अस्पताल में भी इस दुर्लभ प्रसव को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी रही। चिकित्सकों के लिए भी यह मामला एक यादगार अनुभव बन गया है।
  9. चार नन्हे मेहमानों के आगमन ने कश्यप परिवार की खुशियों को चौगुना कर दिया है। अब सभी की दुआ है कि चारों नवजात जल्द स्वस्थ होकर अपनी मां की गोद में सुरक्षित घर लौटें।

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