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झालावाड़, 09 अप्रैल। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने गुरुवार को झालावाड़ जिले के पर्यटन विकास को नई दिशा देते हुए दो महत्वपूर्ण सौगातें दीं। उन्होंने ऐतिहासिक गढ़ पैलेस स्थित राजकीय संग्रहालय में विकसित “गागरोन दुर्ग गैलरी” का फीता काटकर उद्घाटन किया तथा गढ़ पैलेस के सामने बनाए गए आकर्षक “सेल्फी पॉइंट” का विधिवत पट्टिका अनावरण कर लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने सेल्फी पॉइंट पर बैठकर तस्वीर भी खिंचवाई और गैलरी का विस्तार से अवलोकन करते हुए व्यवस्थाओं की सराहना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि झालावाड़ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक दृष्टि से समृद्ध जिला है, जिसे पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि “गागरोन दुर्ग गैलरी” जैसे नवाचार स्थानीय विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाए और स्थानीय इतिहास व संस्कृति को आधुनिक माध्यमों से प्रस्तुत किया जाए, ताकि नई पीढ़ी भी अपनी जड़ों से जुड़ सके।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन के विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है, छोटे व्यापारियों को रोजगार के अवसर मिलते हैं और क्षेत्र की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित होती है। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे अपने ऐतिहासिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखें तथा धरोहरों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
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गागरोन दुर्ग गैलरी: इतिहास का जीवंत दस्तावेज
जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन की अभिनव पहल पर राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पंच गौरव योजना के अंतर्गत राजकीय संग्रहालय में “गागरोन दुर्ग गैलरी” का विकास किया गया है। गैलरी को आधुनिक तकनीक और आकर्षक प्रस्तुतीकरण के साथ तैयार किया गया है, जिससे पर्यटक गागरोन दुर्ग के इतिहास और स्थापत्य को नजदीक से समझ सकें।
गैलरी में गागरोन दुर्ग के प्रमुख स्थलों जैसे गणेश पोल, संत मिट्ठेशाह की दरगाह, नक्कारखाने का द्वार, लाल दरवाजा, जौहर कुंड, रानियों का महल (दरी खाना), द्वारकाधीश मंदिर, भैरवपोल, कटार देव की छतरी, अचलदास खींची का खांडा, जल संचयन संरचनाएं, मधुसूदन मंदिर, खींची राजाओं का महल, कृष्ण द्वार, राम बुर्ज, अंधेरी बावड़ी तथा गणगौर घाट के सजीव चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। इन चित्रों के साथ प्रत्येक स्थल का संक्षिप्त इतिहास और महत्व भी दर्शाया गया है, जिससे दर्शकों को किले के प्रत्येक भाग की जानकारी एक ही स्थान पर मिल सके।

इसके अलावा गैलरी में भारतीय डाक विभाग द्वारा जारी गागरोन दुर्ग पर आधारित डाक टिकट भी प्रदर्शित किए गए हैं, जो इस दुर्ग की राष्ट्रीय पहचान को दर्शाते हैं। गैलरी में “राय तोते” की विशेष झलकियाँ भी शामिल की गई हैं, जो गागरोन दुर्ग की लोककथाओं और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार की पंच गौरव योजना के अंतर्गत आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के चयनित चित्र भी प्रदर्शित किए गए हैं, जिनमें स्थानीय कलाकारों ने गागरोन दुर्ग को विभिन्न कलात्मक रूपों में प्रस्तुत किया है।
गैलरी में “वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स” में दर्ज प्रमाण पत्र की प्रतिलिपि भी लगाई गई है, जो गागरोन दुर्ग से जुड़े गौरव को दर्शाती है। गैलरी का मुख्य आकर्षण बीचों-बीच स्थापित गागरोन दुर्ग का भव्य त्रि-आयामी मॉडल है। यह मॉडल पर्यटकों को ऐसा अनुभव देता है मानो वे स्वयं दुर्ग के भीतर मौजूद हों। मॉडल के माध्यम से किले की संरचना, जल से घिरा स्थान, मुख्य द्वार और प्रमुख स्थलों की स्थिति स्पष्ट रूप से समझाई गई है।

गढ़ पैलेस सेल्फी पॉइंट बना आकर्षण का केंद्र
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने गढ़ पैलेस के सामने विकसित सेल्फी पॉइंट का भी उद्घाटन किया। यह सेल्फी पॉइंट विश्व प्रसिद्ध ताजमहल के सामने बनी बेंच की तर्ज पर तैयार किया गया है। यहां बैठकर पर्यटक गढ़ पैलेस की सुंदर पृष्ठभूमि के साथ यादगार तस्वीरें ले सकेंगे। उद्घाटन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने स्वयं भी यहां बैठकर फोटो खिंचवाई।
जिला कलेक्टर ने बताया कि इस सेल्फी पॉइंट का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना और शहर में आकर्षक फोटो लोकेशन उपलब्ध कराना है। यह स्थान स्थानीय नागरिकों, युवाओं और पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बनेगा। विशेष रूप से शाम के समय यहां का दृश्य और अधिक आकर्षक दिखाई देगा, जिससे पर्यटक अनुभव को और बेहतर बनाया जा सकेगा।
पर्यटन विकास को मिलेगा नया आयाम
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि झालावाड़ जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। गागरोन दुर्ग, गढ़ पैलेस, चंद्रभागा मंदिर, झालरापाटन सहित अनेक ऐतिहासिक स्थल यहां मौजूद हैं, जिन्हें विकसित कर जिले को पर्यटन हब बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि “गागरोन दुर्ग गैलरी” और “सेल्फी पॉइंट” जैसे प्रयास पर्यटन गतिविधियों को गति देंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं जैसे मार्गदर्शन, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और सूचना बोर्ड की व्यवस्था भी मजबूत की जाए। साथ ही स्थानीय कला और हस्तशिल्प को भी बढ़ावा दिया जाए, ताकि पर्यटक यहां की संस्कृति से जुड़ सकें।

कार्यक्रम के दौरान उप वन संरक्षक सागर पंवार, पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक सिराज कुरैशी, उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय के पूर्व डीन डॉ. मधुसूदन आचार्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और पर्यटन विकास की इस पहल का स्वागत किया।
इन दोनों नई सौगातों के साथ झालावाड़ जिले में पर्यटन को नया आयाम मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। “गागरोन दुर्ग गैलरी” जहां इतिहास को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगी, वहीं गढ़ पैलेस सेल्फी पॉइंट पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव का नया केंद्र बनेगा।