झालावाड़: बहन ने भाई को दिया जिंदगी का अनमोल तोहफा, किडनी डोनेट कर बचाई भाई की जिंदगी
झालावाड़ जिले के अकलेरा से भाई-बहन के अटूट प्रेम, त्याग और समर्पण की ऐसी कहानी सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई भावुक हो जाएगा। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जहां बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की कामना करती हैं, वहीं अकलेरा निवासी 32 वर्षीय पारो मंसूरी ने अपने भाई को जिंदगी का ऐसा अनमोल तोहफा दिया है, जिसकी कीमत किसी भी चीज से नहीं लगाई जा सकती।
अकलेरा निवासी 34 वर्षीय उमर सलमान मंसूरी किडनी संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे और उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत थी। परिवार के सामने भाई की जिंदगी बचाने की चुनौती थी। ऐसे मुश्किल समय में उमर की छोटी बहन पारो मंसूरी आगे आईं। उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के अपने भाई को किडनी डोनेट करने का फैसला लिया। बहन के इस फैसले ने पूरे परिवार को भावुक कर दिया।

दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल में उमर सलमान का किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। बहन पारो ने अपनी किडनी देकर भाई को नई जिंदगी देने की दिशा में बड़ा त्याग किया। परिवार के लिए यह पल बेहद भावुक और यादगार रहा। भाई के स्वस्थ जीवन के लिए बहन ने अपने शरीर का महत्वपूर्ण अंग दान कर भाई के प्रति अपने प्रेम और जिम्मेदारी की मिसाल पेश की है।
उमर सलमान के पिता सलीम मंसूरी के परिवार में पारो उनकी 32 वर्षीय छोटी बेटी हैं। पिता के लिए भी यह समय भावनाओं से भरा हुआ है। एक तरफ बेटे की जिंदगी को लेकर चिंता थी, तो दूसरी तरफ बेटी का अपने भाई के लिए इतना बड़ा त्याग परिवार के लिए गर्व का विषय बन गया।
रक्षाबंधन के मौके पर सामने आई यह कहानी भाई-बहन के रिश्ते की गहराई को बयां करती है। आमतौर पर राखी को भाई की कलाई पर बांधा जाने वाला प्यार और विश्वास का धागा माना जाता है, लेकिन पारो ने अपने भाई के लिए अपने जीवन का सबसे बड़ा त्याग कर इस रिश्ते को और भी खास बना दिया।

परिवार के लोगों और परिचितों का कहना है कि पारो का यह जज्बा लंबे समय तक याद रखा जाएगा। भाई के लिए किडनी डोनेट करने का फैसला आसान नहीं था, लेकिन बहन ने भाई की जिंदगी को सबसे ऊपर रखा। उनके इस निर्णय ने परिवार के साथ-साथ आसपास के लोगों को भी भावुक कर दिया।
भाई-बहन का रिश्ता बचपन से ही प्यार, विश्वास और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहने का रिश्ता माना जाता है। उमर और पारो की यह कहानी इस रिश्ते की एक अनोखी मिसाल बनकर सामने आई है। रक्षाबंधन के पर्व पर पारो ने अपने भाई को जो तोहफा दिया, वह केवल एक उपहार नहीं, बल्कि जिंदगीभर साथ रहने वाले रिश्ते, त्याग और प्रेम की अमूल्य निशानी है।
इस बार उमर सलमान और उनके परिवार के लिए रक्षाबंधन का त्योहार हमेशा के लिए यादगार बन गया है। बहन पारो द्वारा भाई को दी गई किडनी और उसके साथ जुड़ी भावनाएं इस पर्व को परिवार के लिए बेहद खास बना गई हैं। भाई को नई जिंदगी देने वाली बहन पारो मंसूरी के इस जज्बे को परिवार, रिश्तेदार और परिचित सलाम कर रहे हैं।
