
झालावाड़ जिले के नेशनल हाईवे-52 पर अकलेरा रोड स्थित डूंगरगांव घाटी के पास रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां एक कंटेनर के अनियंत्रित होकर बाइक से टकराने से बाइक सवार बुजुर्ग व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कंटेनर में सवार दो युवक घायल हो गए। हादसे के बाद हाईवे पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया।
अकलेरा थाना पुलिस और घायलों से मिली जानकारी के अनुसार भरतपुर जिले के भंवरी गांव निवासी वाकिब और उसका भाई मुकीम जयपुर से कोरियर का सामान लेकर कंटेनर से बेंगलुरु जा रहे थे। दोनों भाई अपने कंटेनर से नेशनल हाईवे-52 से गुजर रहे थे। जब उनका कंटेनर अकलेरा थाना क्षेत्र के डूंगरगांव घाटी के पास पहुंचा, तभी अचानक कंटेनर चालक का संतुलन बिगड़ गया और वाहन पुलिया से टकरा गया।
बताया जा रहा है कि पुलिया से टकराने के बाद कंटेनर अनियंत्रित हो गया और सामने से आ रहे बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार बुजुर्ग व्यक्ति सड़क पर दूर जा गिरा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और आसपास के ग्रामीण व राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। कंटेनर के पुलिया से टकराने के बाद बाइक सवार सीधे उसकी चपेट में आ गया। बाइक भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद कंटेनर में सवार दोनों युवक भी घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही अकलेरा थाना पुलिस और असनावर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला और उन्हें एंबुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए झालावाड़ जिला अस्पताल भिजवाया। अस्पताल में दोनों घायलों का उपचार किया गया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
हादसे में जान गंवाने वाले बुजुर्ग की पहचान असनावर क्षेत्र के अकतासा गांव निवासी बद्रीलाल के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही उनके परिजन और गांव के लोग भी मौके पर पहुंच गए। अचानक हुई इस दुर्घटना से परिवार में मातम छा गया और पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया।
पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर असनावर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। जहां पोस्टमार्टम की तैयारियां की जा रही हैं। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
अकलेरा थाना अधिकारी धर्माराम ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। हादसे के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया था। पुलिस ने क्रेन की सहायता से कंटेनर को सड़क से हटवाकर साइड में करवाया, जिसके बाद यातायात को सुचारू रूप से चालू कराया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में कंटेनर के पुलिया से टकराने के बाद अनियंत्रित होने की बात सामने आई है। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। कंटेनर चालक से भी पूछताछ की जा रही है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि डूंगरगांव घाटी का यह क्षेत्र पहले भी कई सड़क हादसों का गवाह बन चुका है। घाटी होने के कारण यहां सड़क पर मोड़ और ढलान है, जिससे वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। कई बार तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण वाहन चालक नियंत्रण खो बैठते हैं और हादसे हो जाते हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस क्षेत्र में यातायात सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जाएं। उनका कहना है कि घाटी वाले हिस्से में चेतावनी संकेतक, स्पीड कंट्रोल के उपाय और नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की गहन जांच की जा रही है और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन चालकों की जिम्मेदारी की ओर ध्यान दिलाया है। तेज रफ्तार और जरा-सी लापरवाही कई बार किसी की जान ले लेती है। ऐसे में वाहन चालकों को सावधानी और यातायात नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।