एमडी ड्रग नेटवर्क पर बड़ी चोट: झालावाड़ में 3 क्विंटल केमिकल जब्त, एमपी की ड्रग फैक्ट्री से जुड़ा तार, 5 आरोपी डिटेन

 

 

झालावाड़। जिले में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत झालरापाटन पुलिस और जिला स्पेशल टीम (DST) ने एक बड़ी अंतरराज्यीय कार्रवाई को अंजाम देते हुए एमडी (MD) जैसे घातक मादक पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल की बड़ी खेप जब्त की है। इस कार्रवाई में मध्यप्रदेश में संचालित एक अवैध ड्रग फैक्ट्री का भी खुलासा हुआ है। पुलिस ने घरेलू सामान की आड़ में पिकअप वाहन से ले जाए जा रहे करीब 3 क्विंटल से अधिक संदिग्ध केमिकल, एक लग्जरी वाहन और 5 आरोपियों को डिटेन किया है। यह पूरी कार्रवाई डीआरआई जयपुर से मिले पुख्ता इनपुट के आधार पर की गई।

पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि नशे के सौदागरों के खिलाफ लगातार निगरानी और खुफिया तंत्र को सक्रिय रखा गया है। इसी क्रम में डीआरआई जयपुर से सूचना मिली थी कि एमडी बनाने में उपयोग होने वाला केमिकल झालावाड़ क्षेत्र से होकर मध्यप्रदेश भेजा जाने वाला है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए झालरापाटन पुलिस और जिला स्पेशल टीम की संयुक्त टीम गठित की गई।

एसपी अमित कुमार ने बताया कि टीम ने झालरापाटन थाना क्षेत्र के चंद्रावती ग्रोथ सेंटर चौराहे पर संदिग्ध अवस्था में खड़े दो वाहनों पर नजर रखी। इनमें एक पिकअप वाहन और एक लग्जरी कार शामिल थी। जब दोनों वाहनों की तलाशी ली गई तो पिकअप में घरेलू सामानों की आड़ में ड्रमों में भरा गया 320.72 किलोग्राम संदिग्ध केमिकल बरामद हुआ। जांच में सामने आया कि यह केमिकल 2-ब्रोमो-4-मिथाइल प्रोपेन है, जिसका इस्तेमाल सिंथेटिक ड्रग ‘एमडी’ बनाने में किया जाता है।

मौके से पुलिस ने तीन आरोपियों दीपक, जितेंद्र और शैलेंद्र को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि यह केमिकल झालावाड़ से मध्यप्रदेश भेजा जा रहा था और इसकी सप्लाई मुख्य सरगना जयनारायण उर्फ मामू और उसके साथी रामलाल को की जानी थी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश के आगर जिले में दबिश दी और दोनों आरोपियों जयनारायण उर्फ मामू और रामलाल को हिरासत में ले लिया। इस तरह इस पूरे नेटवर्क में शामिल कुल पांच आरोपियों को डिटेन किया गया।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में यह भी सामने आया कि मध्यप्रदेश में एक स्थान पर अवैध रूप से एमडी बनाने की फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। इसके बाद राजस्थान पुलिस की टीम ने मध्यप्रदेश पुलिस के सहयोग से सुसनेर क्षेत्र में दबिश दी। इस दौरान आरोपी रघुनंदन मौके से फरार हो गया। हालांकि, उसकी निशानदेही के आधार पर माचलपुर थाना पुलिस ने उसके घर पर छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान पुलिस को नशीले पदार्थ बनाने से जुड़े कई उपकरण, केमिकल प्रोसेसिंग का सामान और एक अवैध फैक्ट्री के साक्ष्य मिले। इससे यह साफ हो गया कि यह कोई छोटा-मोटा गिरोह नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक संगठित ड्रग नेटवर्क है। माचलपुर पुलिस ने आरोपी रघुनंदन के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

एसपी अमित कुमार ने बताया कि जब्त किए गए केमिकल और वाहनों की बाजार कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। यदि यह केमिकल एमडी बनाने के लिए इस्तेमाल हो जाता, तो इससे बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ तैयार कर युवाओं तक पहुंचाया जा सकता था। समय रहते की गई इस कार्रवाई से न केवल नशे के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, बल्कि समाज को एक गंभीर खतरे से भी बचाया गया है।

पुलिस अधीक्षक ने यह भी स्पष्ट किया कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह केमिकल सप्लायर हो, ट्रांसपोर्टर हो या फैक्ट्री संचालक—सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मामले में आगे भी पूछताछ जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना है।

इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर भी पुलिस की इस सख्त कार्रवाई की सराहना हो रही है। आमजन का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सकेगा। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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