
झालावाड़।
जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस थाना मिश्रोली ने बड़ी सफलता हासिल की है। मिश्रोली थाना पुलिस ने एक सुनियोजित कार्रवाई को अंजाम देते हुए 96 किलो 300 ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा जब्त किया है। इसके साथ ही तस्करी में प्रयुक्त दो कार, एक ट्रैक्टर, एक पिस्टल मय दो जिंदा कारतूस, इलेक्ट्रॉनिक कांटा तथा कट्टों की सिलाई मशीन भी जब्त की गई है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में मादक पदार्थ तस्करों में हड़कंप मच गया है।
जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिलेभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सभी थानाधिकारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सक्रिय होकर तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मिश्रोली थाना पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई अभियान की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
ऐसे हुआ खुलासा
थानाधिकारी मिश्रोली उपनिरीक्षक सुरेन्द्र सिंह को 21 जनवरी 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि थाना क्षेत्र के ग्राम छान का खेड़ा में गोरधन सिंह के खेत पर अवैध मादक पदार्थ डोडा चूरा संग्रहित किया गया है तथा उसे विभिन्न वाहनों के माध्यम से परिवहन किया जाने वाला है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस टीम का गठन किया गया और मौके पर दबिश दी गई।
पुलिस टीम जब खेत और कुएं के पास पहुंची तो वहां भारी मात्रा में पिसा हुआ एवं बिना पिसा हुआ अफीम डोडा चूरा मिला। मौके से इलेक्ट्रॉनिक कांटा और कट्टों की सिलाई करने की मशीन भी बरामद की गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि तस्कर मौके पर ही डोडा चूरा को तौलकर पैकिंग करते थे। पुलिस ने मौके से एक कार मैग्नाइट (रजिस्ट्रेशन नंबर RJ19CP5899), एक बिना नंबर की हुंडई ऑरा कार तथा एक बिना नंबर का फार्म ट्रैक्टर भी जब्त किया।
फर्जी नंबर प्लेटों का जाल
जांच के दौरान पुलिस को चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जब्त की गई कारों में अलग-अलग नंबर प्लेटें रखी हुई थीं, जिनका उपयोग तस्करी के दौरान पहचान छुपाने के लिए किया जाता था। मैग्नाइट कार से तीन अतिरिक्त नंबर प्लेटें तथा हुंडई ऑरा कार से चार अलग-अलग नंबर प्लेटें बरामद की गईं। इससे यह स्पष्ट हो गया कि तस्करी एक संगठित गिरोह द्वारा की जा रही थी।
हथियारों की बरामदगी ने बढ़ाई गंभीरता
पुलिस ने मौके से एक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस भी जब्त किए हैं। हथियारों की मौजूदगी से यह आशंका और गहरी हो गई है कि तस्कर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी के साथ थे। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से अवैध मादक पदार्थों के कारोबार में सक्रिय रहा है।
आरोपी फरार, तलाश जारी
इस मामले में मुख्य आरोपी गोरधन सिंह और शम्भु सिंह घटना के समय मौके से फरार हो गए। पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमों का गठन कर दिया है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई
यह संपूर्ण कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा के निर्देशन में तथा वृताधिकारी भवानीमंडी प्रेमकुमार के निकटतम सुपरविजन में संपन्न हुई। थानाधिकारी सुरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने सतर्कता और तत्परता का परिचय देते हुए इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थानाधिकारी सुरेन्द्र सिंह, सहायक उपनिरीक्षक भगवान लाल, कांस्टेबल घनश्याम, बलराम, सूरज, सचिन एवं रामनिवास की विशेष भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे ही समर्पित प्रयासों से जिले को नशा मुक्त बनाया जा सकेगा।
जिले में जारी रहेगा अभियान
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों के खिलाफ यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। अवैध कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आमजन से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें मादक पदार्थों से जुड़े किसी भी प्रकार की सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
मिश्रोली थाना पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से यह संदेश साफ है कि झालावाड़ पुलिस नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले दिनों में ऐसे मामलों में और भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।