झालावाड़। जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और आमजन में भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से झालावाड़ पुलिस ने राजस्थान गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1975 (गुण्डा एक्ट) के तहत बड़ी कार्रवाई की है। जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट झालावाड़ के आदेशानुसार जिले के चार आदतन अपराधियों को जिला निष्कासित किया गया है। इन अपराधियों को निर्धारित अवधि तक झालावाड़ जिले की सीमा में प्रवेश करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
पुलिस प्रशासन द्वारा प्रस्तुत इस्तगासे और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अजय सिंह राठौड़ ने गुण्डा एक्ट के अंतर्गत निष्कासन आदेश जारी किए। आदेशानुसार जिन चार अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है, उनमें बजरंग पुत्र रत्तीराम निवासी कोली मोहल्ला, बस स्टैंड झालरापाटन; वसीम पुत्र असलम निवासी कसाई मोहल्ला झालावाड़; राकेश पटवा उर्फ राजू पुत्र गोपाल निवासी बडली का चबूतरा, हाल हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, थाना झालरापाटन तथा राशिद खान उर्फ कालिया पुत्र नूरभाई उर्फ अल्लानूर निवासी महात्मा गांधी कॉलोनी, झालरापाटन शामिल हैं। ये सभी आरोपी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए और इनके कारण क्षेत्र में आमजन के बीच भय का माहौल बना हुआ था।

जिला पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार ने बताया कि राजस्थान का गुण्डा एक्ट ऐसा प्रभावी कानून है, जिसका प्रयोग उन अपराधियों के विरुद्ध किया जाता है जो लगातार आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहते हैं और पुलिस की सामान्य निरोधात्मक कार्रवाई के बावजूद अपने कृत्यों से बाज नहीं आते। इन चारों अपराधियों के विरुद्ध पूर्व में भी कई बार इन्सदादी एवं वैधानिक कार्यवाहियां की गईं, किंतु उनकी आदतों और व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके विपरीत, अपराध करने की प्रवृत्ति लगातार बनी रही।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इन अपराधियों के खिलाफ गुण्डा एक्ट के अंतर्गत विधिवत इस्तगासा तैयार कर जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट को प्रस्तुत किया गया था। सभी तथ्यों, आपराधिक इतिहास और क्षेत्र में उत्पन्न भय की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए निष्कासन आदेश जारी किए। आदेश के अनुसार एक अपराधी को जिला बूंदी के थाना लाखेरी क्षेत्र में तीन माह, दूसरे को जिला प्रतापगढ़ के थाना अरनोद क्षेत्र में तीन माह, तीसरे को जिला बूंदी के थाना केशवराय पाटन क्षेत्र में तीन माह तथा चौथे को जिला प्रतापगढ़ के थाना धरियावद क्षेत्र में तीन माह के लिए निष्कासित किया गया है।
निष्कासन आदेश जारी होने के पश्चात संबंधित अपराधियों को उनके-उनके निष्कासन क्षेत्र के संबंधित थानों में उपस्थिति दर्ज करवाई गई है। निर्धारित अवधि के दौरान ये अपराधी किसी भी स्थिति में झालावाड़ जिले की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। आदेश की अवहेलना करने पर इनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार ने आगे बताया कि ये अपराधी कम उम्र में ही गलत संगत में पड़कर अपराध की दुनिया में प्रवेश कर गए थे। इनके विरुद्ध की गई आपराधिक गतिविधियों के कारण क्षेत्र के सामान्य नागरिक पुलिस या न्यायालय में रिपोर्ट दर्ज कराने से भी कतराते थे, जिससे अपराधियों का मनोबल बढ़ता गया। साधारण कानून के तहत की गई कार्यवाहियां इनके लिए अपर्याप्त साबित हुईं, इसलिए जनहित और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गुण्डा एक्ट के तहत सख्त कदम उठाना आवश्यक हो गया।

उन्होंने कहा कि आमजन के शांतिपूर्ण और भय रहित जीवन के लिए ऐसे अपराधियों का खुले रूप से जिले में घूमना, रहना या निवास करना उचित नहीं है। इसी कारण जिला प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से यह निर्णय लिया कि इन अपराधियों को जिले से बाहर भेजकर उनकी आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए।
इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य जिले में कानून के प्रति आमजन का विश्वास बढ़ाना और अपराधियों में कानून का भय स्थापित करना है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध, जो कानून व्यवस्था भंग करने का प्रयास करेगा या आदतन अपराधों में लिप्त पाया जाएगा, इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई की जाएगी।
झालावाड़ पुलिस की इस कार्रवाई से आमजन में राहत की भावना देखी जा रही है। लोगों को उम्मीद है कि इस प्रकार की सख्त कार्यवाही से जिले में अपराधों पर नियंत्रण होगा और शांति एवं सुरक्षा का माहौल मजबूत होगा।
