रायपुर पुलिस ने गागरीन जल परियोजना से चोरी हुए 5 लाख के लोहे के पाइप बरामद किए, तीन आरोपी गिरफ्तार

झालावाड़ जिले की रायपुर थाना पुलिस ने सरकारी पेयजल योजना से जुड़े एक बड़े चोरी मामले का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए करीब 5 लाख रुपये मूल्य के लोहे के पाइप बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई नियमित गश्त और त्वरित सूचना तंत्र के आधार पर की गई, जिससे सरकारी संपत्ति की सुरक्षा को लेकर पुलिस की सजगता सामने आई है।

मामला जिले की महत्वपूर्ण पेयजल योजना गागरीन जल परियोजना से जुड़ा है, जिसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। इसी परियोजना को निशाना बनाते हुए चोरों ने एक जनवरी की रात ग्राम गरवाड़ा के पास मुख्य सड़क पर स्थित पुलिया के नीचे से पाइपलाइन काटकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार चोरों ने परियोजना के तहत बिछाई जा रही करीब 110 फीट लंबी और 8 इंच मोटी लोहे की पाइपलाइन को कटर मशीन की मदद से काटा और उसे मौके से उठा ले गए। चोरी की यह घटना सुनियोजित तरीके से की गई थी, जिसमें भारी उपकरणों और वाहन का इस्तेमाल किया गया, जिससे साफ है कि आरोपी पहले से तैयारी कर आए थे।

इस संबंध में 2 जनवरी को हेमंत बरमन पुत्र संतोष बरमन, निवासी कोलकाता, हाल शताब्दी नगर, भवानीमंडी द्वारा रायपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि गागरीन जल परियोजना के अंतर्गत बिछाई जा रही पाइपलाइन से लोहे के पाइप चोरी हो गए हैं। शिकायत में कालूराम पुत्र भेरूलाल भील, विक्रम पुत्र बालचंद भील, दोनों निवासी कड़ोदिया, तथा राम कैलाश पुत्र किशनलाल मीणा, निवासी तेलियाखेड़ी, असनावर पर चोरी का संदेह जताया गया था।

 

रिपोर्ट दर्ज होते ही रायपुर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चोरी का मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पिड़ावा डिप्टी पूजा नागर के सुपरविजन में तथा रायपुर थानाधिकारी रमेशचंद मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, आसपास के क्षेत्र में पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की तलाश तेज की।

पुलिस टीम ने गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए तीनों आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किए गए लोहे के पाइप बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई जा रही है। यह बरामदगी सरकारी परियोजना के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।

पुलिस ने केवल पाइप ही नहीं, बल्कि चोरी में इस्तेमाल किए गए उपकरण भी जब्त किए हैं। जब्त सामान में एक पिकअप वाहन, एक जनरेटर, एक कटर मशीन, करीब 500 फीट लोहे का तार, एक ऑक्सीजन सिलेंडर और एक एलपीजी सिलेंडर शामिल हैं। इन उपकरणों से यह स्पष्ट होता है कि आरोपी पेशेवर तरीके से चोरी को अंजाम दे रहे थे और भारी संसाधनों का उपयोग कर रहे थे।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी परियोजनाओं से चोरी न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाती है, बल्कि आम जनता के हितों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है। गागरीन जल परियोजना जैसी योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को दूर करने के लिए बनाई जाती हैं, और इस तरह की चोरी से काम में देरी होती है, जिससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।

रायपुर पुलिस ने बताया कि आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कहीं वे इससे पहले भी इस तरह की वारदातों में शामिल तो नहीं रहे हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि चोरी किए गए पाइपों को बेचने का उनका नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है और इसमें कोई अन्य व्यक्ति तो शामिल नहीं है।

इस सफल कार्रवाई के बाद पुलिस अधीक्षक स्तर पर टीम की सराहना की गई है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए इसी तरह सख्त कदम उठाए जाएंगे।

रायपुर थाना पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, विशेषकर सरकारी परियोजनाओं से जुड़ी सामग्री के साथ छेड़छाड़ या चोरी की आशंका हो, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग से ही इस तरह के अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

कुल मिलाकर, रायपुर पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल एक बड़ी चोरी का खुलासा हुआ है, बल्कि यह संदेश भी गया है कि सरकारी योजनाओं को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कानून सख्ती से कार्रवाई करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *