झालावाड़,
जिले में लगातार बिगड़ते मौसम और आगामी दिनों में शीत लहर व बारिश की प्रबल संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनज़र बड़ा निर्णय लिया है। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के आधार पर तथा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए झालावाड़ जिले के समस्त राजकीय एवं निजी विद्यालयों में संचालित कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए 06 जनवरी से 10 जनवरी 2026 तक सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।
यह आदेश जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किया गया है। आदेश के अनुसार जिले में बढ़ती ठंड, शीत लहर के प्रकोप और बारिश की आशंका को देखते हुए छोटे बच्चों का विद्यालय आना स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है, इसी कारण यह एहतियाती कदम उठाया गया है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए लागू रहेगा। विद्यालयों का समस्त शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ अपने निर्धारित समयानुसार कार्य करता रहेगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रामसिंह मीणा ने बताया कि शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को विद्यालयों में उपस्थित रहकर प्रशासनिक, शैक्षणिक तैयारी तथा अन्य आवश्यक कार्यों को संपादित करना होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि अवकाश अवधि के दौरान विद्यालयों को आगामी शैक्षणिक गतिविधियों, पाठ्यक्रम की योजना, परीक्षाओं की तैयारी और विद्यार्थियों से जुड़े रिकॉर्ड को सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अवकाश समाप्त होने के बाद शिक्षण कार्य सुचारु रूप से संचालित किया जा सके।
मौसम विभाग भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक जिले में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इससे ठंड और अधिक बढ़ने की आशंका है, जिसका सीधा असर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों पर पड़ सकता है।
पिछले कुछ दिनों से जिले में घना कोहरा और सर्द हवाओं का असर लगातार देखा जा रहा है। सुबह के समय दृश्यता कम रहने से आवागमन प्रभावित हो रहा है, वहीं ठंड के कारण सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से छोटे बच्चों में सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार जैसी समस्याएं बढ़ने लगी हैं। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने समय रहते यह निर्णय लेकर राहत प्रदान की है।
जिला प्रशासन ने सभी विद्यालय संचालकों को आदेश की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आदेश की अवहेलना करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को बुलाने या अवकाश आदेश की अनदेखी करने की शिकायत मिलने पर तुरंत जांच कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अवकाश की घोषणा से अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली है। अभिभावकों का कहना है कि अत्यधिक ठंड और कोहरे के कारण बच्चों को स्कूल भेजना चिंता का विषय बन गया था। प्रशासन के इस निर्णय से बच्चों की सेहत सुरक्षित रहेगी और अभिभावकों को भी मानसिक राहत मिलेगी।
जिला प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि शीत लहर के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतें। अत्यधिक ठंड में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें, गर्म कपड़ों का उपयोग करें और छोटे बच्चों एवं बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। साथ ही मौसम से संबंधित किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यदि मौसम की स्थिति में और अधिक गिरावट आती है तो आगे भी आवश्यकतानुसार निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल 10 जनवरी 2026 तक अवकाश लागू रहेगा और उसके बाद मौसम की स्थिति की समीक्षा कर आगामी आदेश जारी किए जाएंगे।