भवानीमंडी–मिश्रोली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अवैध एमडीएम निर्माण कारखाना ध्वस्त पशुओं के बाड़े की आड़ में चल रहा था नशे का काला कारोबार, तीन आरोपी फरार

 

झालावाड़ जिले में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी और अहम सफलता हाथ लगी है। भवानीमंडी और मिश्रोली थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने पशुओं के बाड़े की आड़ में संचालित हो रहे अवैध एमडीएम (MDM) पाउडर निर्माण कारखाने का भंडाफोड़ करते हुए भारी मात्रा में नशीला पदार्थ, रसायन, उपकरण और वाहन जब्त किए हैं। इस कार्रवाई से जिले में सक्रिय नशा तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई में कारखाने में प्रयुक्त एमडीएम पाउडर, तरल मादक पदार्थ, विभिन्न प्रकार के केमिकल, गैस भट्टियां, सिलेंडर, एयर ड्रायर मशीन, इलेक्ट्रॉनिक कांटा सहित अन्य सामग्री बरामद की गई है। इसके अलावा नशीले पदार्थों के परिवहन में इस्तेमाल की जा रही एक कार और एक बजाज पल्सर मोटरसाइकिल को भी जब्त किया गया है।

कारखाने से जुड़े मुख्य आरोपी गोपाल सिंह, दिनेश सिंह और नरेंद्र सिंह घटना के समय मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

एसपी ने दी जानकारी

 

जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि जिले में मादक पदार्थ तस्करों और अवैध नशा कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत सभी थानाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए थे कि नशे से जुड़े किसी भी नेटवर्क को चिन्हित कर कठोर कार्रवाई की जाए।

एसपी ने बताया कि भवानीमंडी और मिश्रोली थाना पुलिस ने आपसी समन्वय से प्रभावी रणनीति बनाकर यह कार्रवाई की, जो नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।

ऐसे हुआ खुलासा

पुलिस को 17 जनवरी 2026 को मुखबिर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि आमलिया खेड़ा क्षेत्र में पशुओं के बाड़े की आड़ में अवैध रूप से एमडीएम जैसे खतरनाक मादक पदार्थ का निर्माण किया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए भवानीमंडी और मिश्रोली थानों की संयुक्त टीम गठित की गई।

टीम ने योजनाबद्ध तरीके से गोपाल सिंह की टापरी पर दबिश दी। मौके पर पहुंचते ही पुलिस को वहां नशीले पदार्थों के निर्माण से जुड़ी गतिविधियों के स्पष्ट संकेत मिले। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में एमडीएम पाउडर, तरल रसायन और निर्माण में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए।

पशुओं के बाड़े में चल रहा था नशे का कारखाना

जांच में सामने आया कि आरोपी ग्रामीण क्षेत्र में पशुओं के बाड़े का उपयोग कर लंबे समय से अवैध मादक पदार्थों का निर्माण कर रहे थे, ताकि किसी को शक न हो। इस स्थान को चुनने का उद्देश्य पुलिस और स्थानीय लोगों की नजरों से बचना था।

प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि यहां तैयार किया गया एमडीएम जिले के साथ-साथ अन्य जिलों और राज्यों तक सप्लाई किया जा रहा था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है।

जब्त सामग्री का संक्षिप्त विवरण

पुलिस द्वारा मौके से निम्न सामग्री जब्त की गई—

एमडीएम पाउडर व तरल मादक पदार्थ

एमडीएमए युक्त संदिग्ध पदार्थ

विभिन्न ड्रमों व बोतलों में भरे रासायनिक केमिकल

यूरिया व अन्य सफेद संदिग्ध पाउडर

गैस भट्टियां, गैस सिलेंडर

एयर ड्रायर मशीन

इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा

निर्माण में प्रयुक्त अन्य उपकरण

एक कार व एक बजाज पल्सर मोटरसाइकिल

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा वृत्ताधिकारी भवानीमंडी के सुपरविजन में अंजाम दी गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अब तक जिले की बड़ी कार्रवाइयों में से एक है, जिससे नशा माफिया को गहरा आघात पहुंचा है।

फरार आरोपियों की तलाश तेज

पुलिस ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। साथ ही उनके आपराधिक रिकॉर्ड और संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

नशा मुक्त झालावाड़ की दिशा में बड़ा कदम

पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध नशे के कारोबार की सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। जिला पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी के खिलाफ यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगा और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

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