झालावाड़ शहर में स्पा सेंटर की आड़ में अवैध गतिविधियों और वेश्यावृत्ति का झांसा देकर लोगों से अवैध वसूली करने वाले एक संगठित गिरोह का कोतवाली पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला और एक पुरुष आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गिरफ्तार महिला आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है, जबकि पुरुष आरोपी को पूछताछ के लिए एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इस कार्रवाई से शहर में लंबे समय से चल रही अवैध वसूली की गतिविधियों पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि शहर की खंडिया कॉलोनी स्थित एक मसाज सेंटर को लेकर पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि सेंटर पर मसाज के नाम पर लोगों को बुलाया जाता है और फिर वेश्यावृत्ति का झांसा देकर उन्हें फंसाया जाता है। इसके बाद उन्हें बदनाम करने या झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर मोटी रकम वसूली जाती है। शिकायतों की गंभीरता और लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस ने इस पर विशेष निगरानी शुरू की।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कोतवाली थानाधिकारी मुकेश मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने पहले गुप्त रूप से पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई और शिकायतों की सत्यता की जांच की। पुलिस ने सबूत जुटाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से एक बोगस ग्राहक को मसाज सेंटर भेजा। बोगस ग्राहक के साथ की गई गतिविधियों और बातचीत से यह स्पष्ट हो गया कि वहां अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं और लोगों से जबरन वसूली की जा रही है।

जैसे ही अवैध गतिविधियों की पुष्टि हुई, पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मसाज सेंटर पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान मौके से महिला आरोपी मेघा मुखर्जी (30), निवासी अशोक विहार, दिल्ली और उसके साथी लोकेश कुमार बैरवा (36), निवासी अगावली, दौसा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी मिलकर इस अवैध धंधे को संचालित कर रहे थे और लोगों को फंसाकर उनसे पैसे ऐंठते थे।
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे पहले ग्राहकों को सस्ते दामों में मसाज और अन्य सुविधाओं का लालच देते थे। बाद में उन्हें आपत्तिजनक स्थिति में फंसा कर फोटो या वीडियो बनाने की धमकी देकर मोटी रकम की मांग की जाती थी। कई मामलों में डर के कारण पीड़ितों ने शिकायत भी दर्ज नहीं कराई, जिससे आरोपी लंबे समय तक बेखौफ होकर अपना धंधा चलाते रहे।
इस कार्रवाई में कोतवाली पुलिस टीम के हेड कॉन्स्टेबल भगवान सिंह, सुशीला, शीतल और जगदीश जरनेल की अहम भूमिका रही। टीम ने सूझबूझ और सतर्कता से पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया, जिससे आरोपी मौके से फरार नहीं हो सके। पुलिस ने मसाज सेंटर से जुड़े दस्तावेज, मोबाइल फोन और अन्य संदिग्ध सामग्री भी जब्त की है, जिनकी जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह केवल दो लोगों तक सीमित नहीं है। पूछताछ में अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश जारी है। आशंका जताई जा रही है कि इस नेटवर्क के तार अन्य शहरों और राज्यों तक भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही है ताकि पूरे गिरोह को जड़ से खत्म किया जा सके।
मामले की आगे की जांच मंडावर थानाधिकारी पवन कुमार मीणा द्वारा की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को इस तरह की अवैध गतिविधियों की जानकारी हो या वह इसका शिकार हुआ हो तो बिना डर के पुलिस से संपर्क करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई से शहर में अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई को आमजन ने सराहा है और उम्मीद जताई है कि आगे भी इस तरह के अवैध धंधों पर कठोर कदम उठाए जाएंगे, जिससे शहर में कानून व्यवस्था और सामाजिक माहौल बेहतर बना रहे।