झालावाड़ में दर्दनाक सड़क हादसा: वरिष्ठ अध्यापक प्रेम दाधीच की मौत, शिक्षा जगत में शोक की लहर

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  1. झालावाड़ जिले के खोखंदा मोड़ के नजदीक सोमवार को एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसने पूरे जिले को गहरे शोक में डुबो दिया। इस हादसे में सरकारी स्कूल के वरिष्ठ अध्यापक प्रेम दाधीच की असमय मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वे स्कूल से कार द्वारा सरकारी कार्य से झालावाड़ आ रहे थे। इसी दौरान रास्ते में कोयले से भरे एक तेज रफ्तार ट्रोले ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी।
  2. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के बाद कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार के आगे का हिस्सा बुरी तरह चकनाचूर हो गया और उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए। टक्कर की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर दौड़ पड़े। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को कार से बाहर निकाला गया।
  3. घायलों को तत्काल झालावाड़ स्थित एसआरजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद वरिष्ठ अध्यापक प्रेम दाधीच को मृत घोषित कर दिया। जैसे ही उनके निधन की खबर फैली, अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में शिक्षक, परिचित, रिश्तेदार और स्थानीय नागरिक जमा हो गए। हर किसी के चेहरे पर गम और स्तब्धता साफ झलक रही थी। अस्पताल का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया।
  4. हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया। मौके पर हर्षराज सिंह पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार और ट्रोले के संबंध में जानकारी जुटाई तथा मौके से साक्ष्य एकत्र किए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रोला तेज रफ्तार में था, जिसके चलते चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और यह भीषण हादसा हो गया।
  5. दुर्घटना के बाद ट्रोला चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और दुर्घटना के कारणों की गहन जांच की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि ट्रोला निर्धारित मानकों के अनुसार चल रहा था या नहीं।
  6. मृतक प्रेम दाधीच शिक्षा जगत में एक सम्मानित और लोकप्रिय शिक्षक के रूप में जाने जाते थे। वे अपने सरल, मिलनसार और अनुशासित स्वभाव के लिए खास पहचान रखते थे। सहकर्मी शिक्षकों और विद्यार्थियों का कहना है कि वे हमेशा छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर रहते थे और पढ़ाई के साथ-साथ नैतिक मूल्यों पर भी विशेष जोर देते थे। उनके मार्गदर्शन में कई विद्यार्थी आगे बढ़े और जीवन में सफल हुए।
  7. शिक्षण कार्य के अलावा प्रेम दाधीच सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते थे। वे समाज के हर वर्ग के लोगों से सहजता से जुड़ जाते थे और जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। स्थानीय सामाजिक संगठनों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही, जिसके चलते वे समाज में एक आदर्श व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे।
  8. उनके आकस्मिक निधन से न केवल उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, बल्कि पूरे शिक्षा जगत और जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। कई सामाजिक संगठनों, शिक्षक संघों और जनप्रतिनिधियों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। सभी ने इसे शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि प्रेम दाधीच जैसे समर्पित शिक्षक का जाना पूरे समाज के लिए बड़ी क्षति है।
  9. हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस और प्रशासन की ओर से परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया है। वहीं स्थानीय लोगों ने खोखंदा मोड़ के पास भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर चिंता जताई है और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग उठाई है।
  10. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार ट्रोला चालक की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

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