
झालावाड़। भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने झालावाड़ जिले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) झालावाड़ के अधीक्षण अभियंता विष्णु चन्द गोयल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपी अधिकारी को Apple कंपनी का 84 हजार रुपये कीमत का आईफोन एक्सआर मोबाइल रिश्वत के रूप में लेते हुए एसीबी टीम ने ट्रैप किया।
एसीबी से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई परिवादी की शिकायत के आधार पर की गई। परिवादी ने 5 जनवरी को एसीबी झालावाड़ चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वह पीएचईडी खंड झालावाड़ में हैंडपंप रिपेयर, पाइपलाइन लीकेज रिपेयरिंग और लेबर सप्लाई से जुड़े कार्य करता है। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों द्वारा उसे लगातार परेशान किया जा रहा था और काम में बेवजह आपत्तियां निकाली जा रही थीं।
परिवादी ने शिकायत में यह भी बताया कि पूर्व में रजिस्ट्रेशन करवाने की एवज में उससे 25 हजार रुपये की रिश्वत ली जा चुकी है। इसके बाद भी उसे और उसके पार्टनर को नाजायज रूप से परेशान किया जाता रहा। काम से हटाने और डिबार करने की धमकियां दी जाती थीं। अगस्त माह से उससे लगातार एक महंगे आईफोन मोबाइल की मांग की जा रही थी। परिवादी का कहना था कि उसने विभाग में जो लेबर लगाई थी, उनके बिलों को फर्जी बताकर भुगतान रोका जा रहा था और बिल पास करने के बदले रिश्वत मांगी जा रही थी।
परिवादी के अनुसार उसने इस संबंध में अधीक्षण अभियंता विष्णु चन्द गोयल से मुलाकात की, जहां आरोपी ने बकाया बिल पास करने और आगे किसी प्रकार की परेशानी नहीं देने के एवज में एक आईफोन मोबाइल की मांग की। प्रारंभ में आईफोन 16 प्रो की मांग की गई, जिसकी कीमत लगभग 1.30 लाख रुपये बताई गई। बाद में बातचीत के दौरान आरोपी द्वारा और महंगा मोबाइल मांगे जाने की बात भी सामने आई।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए 7 जनवरी को रिश्वत मांग का गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा मोबाइल फोन की रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
योजना के तहत 9 जनवरी को परिवादी आरोपी के कार्यालय पहुंचा। आरोपी के निर्देश पर परिवादी ने Apple कंपनी का आईफोन एक्सआर मोबाइल, जिसकी कीमत 84 हजार रुपये थी, उसके नाम का विधिवत बिल बनवाकर प्रस्तुत किया। जैसे ही आरोपी ने मोबाइल फोन को रिश्वत के रूप में स्वीकार किया, पहले से घात लगाए बैठी एसीबी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
यह पूरी ट्रैप कार्रवाई ACB Kota Range के उप महानिरीक्षक पुलिस आनंद शर्मा के सुपरवीजन में की गई। एसीबी झालावाड़ चौकी की टीम ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रेरणा शेखावत के निर्देशन में यह कार्रवाई अंजाम दी। ट्रैप कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस निरीक्षक साजिद खान ने अपनी टीम के साथ किया।
एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि राज्य सरकार और एसीबी मुख्यालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। आमजन से अपील की गई है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना तत्काल एसीबी को दें। एसीबी शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखते हुए नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
वहीं एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी से मोबाइल फोन की मांग, पूर्व में ली गई रिश्वत और अन्य संभावित मामलों को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही आरोपी के आवास और अन्य ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई भी जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं उसके पास आय से अधिक संपत्ति या अन्य संदिग्ध सामग्री तो नहीं है।
एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है। जांच के दौरान आरोपी के कॉल रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और विभागीय कार्यों की भी गहनता से पड़ताल की जाएगी। एसीबी यह भी जांच कर रही है कि क्या इस तरह की रिश्वतखोरी में अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल थे।
इस कार्रवाई के बाद जिले के प्रशासनिक और ठेकेदारी क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पीएचईडी विभाग में कार्यरत ठेकेदारों और कर्मचारियों में चर्चा का माहौल है। एसीबी की इस सख्त कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। आमजन और ठेकेदारों ने भी एसीबी की इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में इस तरह की कार्रवाइयों से सरकारी विभागों में पारदर्शिता बढ़ेगी।
फिलहाल आरोपी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है। एसीबी का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में चार्जशीट पेश की जाएगी और दोष सिद्ध होने पर आरोपी को सख्त सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।